Friday, 10 August 2012

सोनिया गाँधी इस देश की आवाज नही सुन सकती तो कम से कम अपनी ही पार्टी के आसाम के मुख्यमंत्री की तो आवाज सुनो .... रहम करो अब सोनिया गाँधी .. अब इस देश मे वोट के लिए और ज्यादा बांग्लादेशियों को मत बसाओ


पहली बार कोई कांग्रेसी मुख्यमंत्री खुलकर कांग्रेस के आलाकमान की मुस्लिम वोट बैंक की आलोचना कर रहा है .. लेकिन आलाकमान की हिम्मत नही है कि वो उसपर कोई करवाई करे |

मित्रों, असाम के कांग्रेसी मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल के समय ही केन्द्र सरकार के गृहमंत्रालय को पूर्वोत्तर के सक्रिय १८ मुस्लिम संगठनो पर प्रतिबंध लगाने की एक चिठ्ठी भेजी थी | उस चिठ्ठी के साथ इन संगठनो के देशद्रोह मे लिप्त होने के कई सुबूत भी थे |


इनमे से १४ आसाम मे और ४ मणिपुर मे सक्रिय है :-
आसाम मे सक्रिय राष्ट्रविरोधी मुस्लिम संगठन

1. MSCA- Muslim Security Council of Assam.
2. ULMA- United Liberation Militia of Assam.
3. ILAA-Islamic Liberation Army of Assam.
4. MVF- Muslim Volunteer Force.
5. MLA- Muslim Liberation Army.
6. MSF- Muslim Security Force.
7. ISS- Islamic Sevak Sanng.
8. IURPI-Islamic United Reformation Protest of India.
9. RMC- Revolutionary Muslim Commandos.
10.MTF- Muslim Tigers Force.
11.MLF- Muslim Liberation Front.
12.MLTA- Muslim Liberation Tigers of Assam.
13.MULFA- Muslim United Liberation Front of Assam.
14. MULTA-Muslim United Liberation Tigers of Assam and more......

The Muslim fundamentalist Organisations of Manipur included:

1.INF- Islamic National Front.
2.UILA-United Islamic Liberation Army.
3.UIRA- United Islamic Revolutionary Army.
4.PULF- People`s United Liberation Fron

वाह रे चितम्बरम और सोनिया गाँधी का राष्ट्रप्रेम .इन्होने सैकडो लोगो के हत्यारे संगठन ULMA को प्रादेशिक राजनितिक पार्टी की मान्यता दे दी | और इस साल हुए आसाम के विधानसभा चुनावो मे बंगलादेशी मुसलमानों के बल पर ULMA ने सबको चौकाते हुए १८ सीटों पर विजय हासिल किया |

जिस कांग्रेस ने ये सोचकर बंगलादेशी मुसलमानों को असाम की सरकारी गौचर की जमीनों पर बसाया था कि ये सिर्फ कांग्रेस को वोट देंगे और असाम से असम गण परिषद की ताकत खत्म हो जायेगी |
जब तक असाम मे बंगलादेशी कम संख्या मे थे तब तक तो वे कांग्रेस को वोट देते थे लेकिन अब वो आसाम मे इतनी बड़ी संख्या मे है कि उन्होंने अपनी खुद की राजनितिक पार्टी बना ली और अब हालात ये है कि बिना ULMA का समर्थन लिए कोई भी पार्टी असाम मे सरकार नही बना सकती |

इतना ही नही तरुण गोगोई ने कहा कि जितने भी बंगलादेशी मूल मे लोग शरणार्थी शिविरों मे रह रहे है अब उन्हें बिना दस्तावेज दिखाए कि वो भारत के नागरिक है उन्हें आसाम मे रहने की अनुमति नही दी जायेगी | लेकिन केंद्रीय गृहमंत्रालय ने आसाम सरकार को आदेश दिया की वो ऐसा न करे क्योकि हो हो सकता है की लोगो के दस्तावेज जल गए हो इसलिए शंका का लाभ देते हुए सबको आसाम मे रहने की अनुमति दी जाये |

2 comments:

Deepak Sahoo said...

ye to hamare MAA BHARAT KO LE DUBANE KA SAJISH HE. app Jish majhad jish jagah ka rahne bale ho agar bharat ko maa mante ho challo inkele appna ahuti dene kaliye tayar ho jao.. Hame is desh maa ko sankat se bachana he

Ramesh Singh Rajput said...

Maa Tujhe SALAAM ,
jAI jAWAAN ,
jai Kishan ,
Jai Hind ,
Bharat Mata Ki Jai ,
Hindustan Jindabaad...
Raja Thakur...