Saturday, 4 August 2012

टीम अन्ना के निकाले गए सदस्य और इंडिया अगेंस्ट करप्सन के को-फाउंडर मौलाना शमून काज़मी ने कहा है कि देश की जनता भूलकर भी अन्ना गैंग की हसीन बातों मे मत आये | ये किस मुंह से लोकतांत्रिक मूल्यों की बात करते है ? जब मुझे इन्होने निकाल दिया ?




काज़मी ने आगे कहा कि मै उस दिन जो बात रिकार्ड कर रहा था असल मे मै इनको देश के सामने बेनकाब करना चाहता था .. क्योकि ये हर टीवी चैनेल पर हर मंच पर कसमे खाते थे कि हम कभी चुनाव नही लडेंगे लेकिन कमरे के अंदर मीटिंग मे चर्चा होती थी कि कौन कहाँ से चुनाव लडेगा .. कौन कहाँ से फंड लाएगा .. कौन सा अच्छा मौका हो जब हम पार्टी बनाने की घोषणा करे ताकि जनता को ये कहकर मुर्ख बनाया जा सके की इसके आलावा हमारे पास दूसरा कोई विकल्प नही था |

जैसे ही इस धुर्त गैंग को पता चला की मै  इनके दोगलेपन को रिकार्ड कर रहा हूँ ये सभी खासकर अरविन्द केजरीवाल मेरे उपर झपट पड़े और मेरा मोबाईल छीनकर उसमे से सभी डाटा डिलीट कर दिये |

मित्रों, जंतर मंतर का अनशन सिर्फ एक नौटंकी थी | इस नौटंकी को कांग्रेस की मिलीभगत से अंजाम दिया गया था | आखिर सलमान खुर्शीद और अन्ना मे दो बार गुप्त मुलाकात क्यों हुई ?

कुछ प्वाइंट पर विचार करे

१- अरविन्द केजरीवाल और गैंग के दूसरे गुर्गे पिछले एक साल से हिमाचल और गुजरात बार बार क्यों आ रहे थे ? क्योकि इस साल इन राज्यों मे चुनाव है |

२- मुझे या पूरे देश को इनके राजनीती मे आने से कोई तकलीफ नहीं है लेकिन इन्होने देश को धोखा क्यों दिया ? आज भारत मे दो हज़ार राजनीतिक पार्टिया रजिस्टर्ड है एक और सही |

३- जो अन्ना बार बार कहते थे की मै एकदम सीधासादा हूँ , नेक हूँ ,, कभी पर्दे के पीछे कुछ नही करता वही अन्ना सलमान खुर्शीद से दो बार अकेले मे क्यों मिले ? जब मीडिया ने इसे बेनकाब किया तब अन्ना ने स्वीकार किया की मै मिला था लेकिन सलमान ने मुझे कसम दिया था की किसी को बताना मत .... वाह !! केजरीवाल भी देश को अन्ना को कसम दिलाकर लूटेगा और अन्ना चुप रहेंगे |

४- प्रशांत भूषण खुलेआम कहते है की कश्मीर पर भारत को अपना दावा छोड़ देना चाहिए .. कश्मीर पाकिस्तान का है .. मित्रों .. ऐसे लोग जब सांसद बनेगे तब इस देश का क्या हाल करेंगे ?

५- भ्रष्टाचार खतरनाक ही होता है चाहे किसी ने दस रूपये का किया हो या दस लाख का .. जो आज ऐसे पोजीसन पर है जिसे सिर्फ १० रूपये लूटने को मिल रहा है वो १० रूपये लूटेगा ..लेकिन जब वही आदमी ऐसे पोजीसन पर जायेगा जहां दस करोड रूपये लूटने को मिलेगा वो दस करोड रूपये लूटेगा |

मतलब हम ईमानदार तब तक ही है जब तक हमे बेईमानी करने का मौका नही मिला |

इस गैंग ने पहले कितना भ्रष्टाचार किया है --

१- अरविन्द केजरीवाल -- ये जब नौकरी करते थे तब इन्होने कम्पूटर खरीदने के लिए सरकार से लोन लिया .. लेकिन उसे भरा नही .. बाद मे जब सरकार ने नोटिस दिया तब ये बड़ी बड़ी बाते करने लगे , की मै नही भरूँगा कोर्ट जाऊंगा ,, लेकिन चुपचाप क्यों भर दिया ? अगर ये अपने जगह ईमानदार थे तब कोर्ट जाते इनकी जरूर जीत होती ?

२- किरण बेदी की कहानी तो पूरी दुनिया जानती है .. एक ही शहर के लिए पांच पांच संस्थाओ से बिजनेस क्लास का किराया लिया लेकिन इकोनॉमिक क्लास मे गयी | इन्होने उस शहर का भी हवाई किराया वसूला जिस शहर मे हवाई अड्डा तक नही है ... मीडिया मे खुलासा होने पर सभी आयोजको का पैसा वापस किया | अगर ये अपनी जगह सही थी तब इन्होने पैसा क्यों वापस किया ?

३- कुमार विश्वास -- इसने भगवान शंकर ही पर बहुत ही घटिया और अपमानजनक बाते कही है .. आप यू ट्यूब मे देख लीजिए | ये आरटीआई से पता चला कि ये रामलीला मैदान के अनशन के दौरान पूरे महीने अनुपस्थित रहे लेकिन कालेज मे मैनेजमेंट की मिलीभगत से पूरी सेलेरी लेते थे और उसमे से कुछ हिस्सा मैनेजमेंट को देते थे |

४- प्रशांत भूषण और शांति भूषण -- बाप बेटे की इस नटवर लाल जोड़ी की कहानी कौन नही जनता ?

इन्होने अपने बंगले की कम कीमत दिखाकर पचास लाख स्टैम्प डयूटी चोरी की .. मीडिया मे मामला खुलने पर घाघ चोर की तरह कहने लगे की हमने कुछ नही किया .. लेकिन जब मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट मे गया तब इन्हें जुर्माने के साथ एक करोड रूपये भरना पड़ा .. जबकि ये बाप बेटे की जोड़ी खुद बड़ी क़ानूनी तिकडमबाज है |

प्रशांत भूषण खुलकर कश्मीर को पाकिस्तान को देने की बात करते है .. और हर हिंदू विरोधी मामलो मे सुप्रीम कोर्ट मे पीआईएल दायर करते है |
इन्होने जस्टिस फॉर अफजल गुरु अभियान चलाया और देश भर से लोगो की दस्तखत करके राष्ट्रपति के पास भेजा की अफजल गुरु को रिहा किया जाये |

मायावती का भ्रष्टाचार का केस प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट ने लड़ा था जिसमे फ़ीस के आलावा मायावती ने इसे ग्रेटर नोयडा मे अरबो रूपये का फार्म हॉउस सिर्फ २ लाख रूपये मे दिया |

५- संदीप पांडे - कश्मीर से भारतीय सेना को हटाने की मांग को लेकर इन्होने बहुत आंदोलन किये सायकिल यात्रा तक निकली .. इनकी मांग है की जो सैनिक कश्मीरी आतंवादियों पर गोली चलाए उसे फांसी होनी चाहिए |

मित्रों, फैसला अब हमे करना है .. क्योकि हम अपने आपको ठगे से महसुस कर रहे है .. मै खुद अन्ना के पहले अनशन पर तीन दिन तक जंतरमंतर पर था और मुझे लगता था की ये लोग लोकपाल और भ्रष्टाचार को लेकर गम्भीर है .. लेकिन मित्रों, अब हमे इनको सबक सीखना ही होगा |

7 comments:

jasbir singh said...

bhai hame to pahle he is baat yeqeen tha ke sab chhalawa harami ne desh ki masum janta ko bevkuf banaya

Girish Deshmukh said...

आप जैसे कथीत बुध्‍दीजीवी देश मे हो तो देश को कसाब, अफजल जैसो की क्‍या जरुरत........

anilhathwal said...

sab bakwas hai

anilhathwal said...

Mujhe bhi jisne ye post kiya hai usese kuch sawal puchne hai.......mai chahunga mujhe meri bat ka jawab mile...
1. agar molana kajmi ne wo bate record kisi ache maksad k liye kari thi to usne apna mobile janch k liye kyo nahi diya ???????
2.kya agar anna team k jo log ansan kar rahe the unki agar mot ho jati to kya sarkar unki baat maan leti ????????
3. kya anna team k pass party bana kar lokpal or dusri bat manwane k siwai koi dusra upay tha ?????
4. agar kiran bedi ko dhan hi chaiye tha to wo IPS officer thi wo dusre police walo ki tarah dhan ikatha kar sakti thi ?????????
5. agar kejriwal ko dhan chaiye tha to wo IRS ki nokri karke kai so karod rupaiye loot sakta tha.....

Rohit said...

Ek baat to clear hai, koi bhi paise ke liye ye sab nahi kar raha tha. Sabhi apne mantri pad ke liye dhokha de rahe the... Jai ho Param Poojya Swami Ramdevji Maharaj ki!

Rohit said...

Bilkul sahi kaha hai Jasbirji aapne... Ab humare paas sirf ek hi upaay hai, Param Poojniya Swami Ramdevji!

rajesh soni said...

sab bakas
or ye to hona hi tha kyoki jo bhi brastachar ke khilaf khada hoga log unki is tarah se tang khichenge. ab batao or pucho inse bhagwan bhi aaye to kya ye un par bhi injam to nahi lagayenge. or kajmi sahab aap kitne DOODH se dhule hue ho.'
jin logo ko aap ne pichle 50 saalo se desh sop rakha hai. to ab ek baar inko bhi de kar dekho.