Tuesday, 10 April 2012

नीच कांग्रेस सोनिया के अध्यक्षता वाले ट्रस्टो का हिसाब कब देगी ? आखिर ये नीच कांग्रेस कब रक सिर्फ दूसरों से ही हिसाब मांगती रहेगी ? अपना हिसाब किताब कब देगी ?

क्या कोई कांग्रेसी या कांग्रेस इन सवालों का जबाब देगी ?

1- क्या बाबा रामदेव का अपना कोई परिवार है जिसके लिए बाबा रामदेव पैसा कमाने की सोच रहे है ?

2- बाबा रामदेव जी ने जो अपने पैसे से दो सौ करोड मे पतंजलि विश्वविद्यालय और तीन सौ करोड की लागत से विशाल आवासीय सुविधा के साथ विश्व का सबसे बड़ा योग केन्द्र बनवाया है उसका खर्च क्या सरकार ने दिया है ? बाबा ने इन्ही सब उत्पादों को बेचकर ही ये सब बनाया  है  |

3- सब जानते है कि किसी भी ट्रस्ट का पदेन सह अध्यक्ष उस जिले का कलेक्टर होता है जिस जिले मे कोई ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन होता है | पतंजलि ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिद्वार के कलेक्टर हैं जिनके हस्ताक्षर के बिना बाबा एक रूपये भी खर्च नही कर सकते | इसके आलावा बाबा के सभी ट्रस्टो के आय और व्यय का आडिट सरकार करवाती है |

4- राजीव गाँधी मेमोरियल ट्रस्ट जिसकी मुखिया सोनिया गाँधी है इस ट्रस्ट के पास भारत मे कुल बीस हज़ार एकड जमीन है | जिसमे वीर भूमि , शक्ति स्थल , शांतिवन .और तमिलनाडु मे श्रीपेरंबदूर मे बना राजीव गाँधी का स्मारक है | ये कुल आठ हज़ार एकड मे है जिनकी कीमत आज कई लाख अरब रूपये होगी |

इस ट्रस्ट का आजतक कोई आडिट नही हुआ है क्योकि इसका रजिस्ट्रेशन एक चेरिटी ट्रस्ट के रूप मे हुआ है जो सिर्फ इस नकली गाँधी खानदान के लिए चेरिटी करता है |

राजीव गाँधी फाउंडेशन की भी मुखिया सोनिया गाँधी है | ये भी एक चेरिटी ट्रस्ट है इसको 2006 मे मनमोहन सरकार ने दो सौ करोड रूपये दिये थे जिस पर संसद मे काफी हंगामा भी हुआ क्योकि कोई भी सरकार किसी निजी ट्रस्ट को इसका आजतक आडिट न हुआ हों उसको सरकारी पैसे नही दे सकती | बाद मे मनमोहन सरकार ने पैसा वापस ले लिया था |

इस ट्रस्ट को बिना किसी नियम कायदे के राजस्थान सरकार ने गुडगाँव और फरीदाबाद मे दो सौ एकड जमीन सिर्फ 1 रूपये मे दी है | महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई मे कोहिनूर मिल की दो एकड और पूना मे चालीस एकड जमीन मुफ्त मे इस ट्रस्ट को दिया है |

इन मामले पर कांग्रेस क्यों नही कुछ बोलती ?

5- क्या इस देश मे पैसा कमाना फिर उस पैसे को किसी अच्छे काम मे लगाना अपराध है ? क्या बाबा रामदेव इस पैसे को अपने निजी उपयोग मे लेते है ? बिलकुल नही |

जिनको भी शक हों कि बाबा रामदेव इस सब कमाई को कहाँ खर्च करते है वो एकबार हरिद्वार मे पतंजलि योग पीठ मे जरूर जायें | फिर सोचे कि क्या ये सब निर्माण फ्री मे हुआ होगा ?

6- आज कांग्रेस के नेता और खासकर दिग्विजय सिंह लोगो को सन्यासी की परिभाषा बताते है तो फिर वे सतपाल महाराज के गले मे पत्थर बांधकर समुद्र मे क्यों नही फेक देते ?
सतपाल महाराज के तीन मेडिकल कॉलेज चार फिजियोथैरेपी कॉलेज और कई दूसरे कोलेज है ये कांग्रेस के बड़े नेता है और केन्द्र मे रेल मंत्री भी रहे है आजकल कांग्रेस का खूब प्रचार भी कर रहे है | तो ये कौन से सन्यासी है ? इन्होने तो आजतक आम आदमी के लिए कुछ नही किया ?

असल मे कांग्रेस पिछले दो साल से बाबा रामदेव और आचार्य बाल कृष्ण जी के पीछे अपनी पूरी जाँच एजेंसियों से सब कुछ जाँच करवा चुकी है और मिला कुछ भी नही इसलिए अब कांग्रेस अपना मानसिक संतुलन खो चुकी है |

मीडिया मे बाबा की आलोचना के पीछे बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ और कांग्रेस दोनों की मिलीभगत है क्योकि बाबा रामदेव से दोनों बहुत डरती है इसका नमूना लोगो ने तब देख लिया जब राहुल गाँधी से एक प्रत्रकार ने कालेधन पर सवाल पूछ लिया तो उन्हें बाबा रामदेव दिखने लगे |

यूपी मे जिस तरह से बाबा ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर प्रचार किया उससे कांग्रेस की हालत बहुत खराब हुयी है इसलिए कांग्रेसी और बाबा का नाम सुनते ही कुत्ते की तरह भौकने लगते है |

3 comments:

आशुतोष की कलम said...

कांग्रेसी सुवरों का अब अंत समय आ गया है ...
वर्ड वेरिफिकसन हटा दे तो अच्छा रहेगा

जितेन्द्र प्रताप सिंह [ जे.पी. सिंह ] said...

ये क्या होता है और इसके हटाने से क्या होगा प्लीज बताने का कष्ट करे

AnKit RaNa said...

ye rajasthan sarkar ne nahi haryana sarkar ne di thi land. Please edit it..